राष्ट्रीय युवा पर्यावरणविज्ञानियों का सम्मेलन


राष्ट्रीय बाल भवन प्रत्येक वर्ष एक राष्ट्रीय युवा पर्यावरणविज्ञानियों के सम्मेलन का आयोजन करता है। राष्ट्रीय बाल भवन एक ऐसी संस्था है जिसका उद्देश्य विभिन्न गतिविधियां, अवसरों और बच्चों की आयु, अभिरुचि व योग्यता के अनुसार विमर्श, प्रयोग, सृजन एवं कार्य को अंजाम देने के लिए 5 से 16 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों की सृजनात्मक क्षमता का संवर्धन करने के लिए एक आम मंच उपलब्ध् कराना है। इस सम्मेलन तथा अन्य पर्यावरण संबंधित कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूकता, पर्यावरण के क्षेत्र में विशेष सक्रिय अभिरुचि का विकास करना है ताकि वे पृथ्वी के सजग एवं उत्तरदायी नागरिक बन सकें। वे ऐसे कार्यक्रमों के दौरान मिले संदेशों/जानकारी को अपने मूल स्थानों पर पहुँचाने के वाहक भी बनते हैं।

बच्चों से अपेक्षा की जाती है कि वे उनके बाल भवनों के माध्यम से प्राप्त विषय से संबंधित जानकारी को अपने साथ लेकर आएं। उन्हें एक चयनित स्थान पर आमंत्रित किया जाता है जहां वे सर्वोत्कृष्ट विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करते हैं और उन्हें विषय से संबंधित स्थानों पर क्षेत्रीय भ्रमण पर भी ले जाया जाता हैं इस सम्मेलन के चयनित स्थान पर व्यवस्था करने में राज्य बाल भवनों ने एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अब तक विभिन्न विषयों को लेकर करीब 24 सम्मेलनों का आयोजन किया जा चुका है और प्रत्येक सम्मेलन भारतवर्ष में विषय से संबंधित स्थान तथा उनमें कतिपय भौगोलिक दृष्टि से सर्वाधिक सुन्दर परिक्षेत्रों में आयोजना की गई हैं कुछ विषयों के उल्लेख में ये भारत के पर्यावरणीय राज्य हैं। भारत के विभिन्न राज्यों के सहभागियों ने अपने राज्य के स्थानीय पर्यावरण के बारे में छोटे अध्याय भी लिखे हैं।

अन्य विषयों में जल, वन्य जीवन, सघन वन क्षेत्र, रेगिस्तान, द्वीप, समृद्ध, वेटलैण्ड, घाटी, नदियाँ, पर्यावरणीय सक्रियता, प्रकृति के रक्षक, पारम्परिक ज्ञान, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, पुर्नप्रयोग, रिसायकल, सूर्य, मनुष्य और प्रकृति; भारत में आदिवासी जन-जीवन आदि अन्य विषयों पर चर्चा की गई है। सम्मेलन के अन्य स्थानों में उत्तराखंड, ओडिशा, राजस्थान, केरल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, दीव, दमन, दिल्ली रहे हैं।

पर्यावरण शिक्षा केन्द्र, टेरी, डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स, एन.टी.पी.सी, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, सेन्टर फॉर मैनेजमेंट ऑफ डिग्रेडिड इकोसिस्टम्स, राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय जैसे संगठनों ने इनमें से अनेक कार्यक्रमों में सहयोग किया है।



एन.वाई.ई.सी. 2016-17

24 मार्च से 26 मार्च, 2017
उद्देश्य : स्मार्ट शहर - सतत शहर
स्थान : सेन्टर फॉर इन्वायरमेंट एजूकेशन

स्मार्ट शहर, स्वच्छ भारत मिशन जैसे कतिपय महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों को बाल भवन कार्यक्रमों में सम्मिलित किया गया है। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय 'स्मार्ट शहर - सतत शहर' रखा गया। अहमदाबाद के सेन्टर फॉर एनवायरमेंट एज्यूकेशन जो उत्कृष्टता का एक केन्द्र है, में आयोजित इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के 26 जिलों से 150 बच्चों और 30 से भी ज्यादा शिक्षकों ने भाग लिया। इससे समूचा सम्मेलन बच्चों के लिए 3 दिन तक आमोद पूर्ण अनुभव से परिपूर्ण रहा। बच्चों को अदालाज बीआरटी कॉरिडोर और गाँधी आश्रम के भ्रमण पर भी ले जाया गया।

इसमें शहरी पर्यावरण, जलवायु, परिवर्तन, स्वास्थ्य, जल, गर्वनेंस और कूड़ा-कचरा जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

24 मार्च को निम्नलिखित महानुभावों ने सी.ई.ई. ऑडिटोरियम में सम्मेलन का उद्घाटन किया और अहमदाबाद की निगम पार्षद - श्रीमती निशाबेन झा ने मुख्य उद्बोधन दिया। श्री कार्तिकेय वी.साराभाई, निदेशक सी.ई.ई. ने भारत के विभिन्न राज्यों से आए सभी बच्चों के लाभ के लिए इस मुख्य उद्बोधन का अनुवाद प्रस्तुत किया। अन्य महत्त्वपूर्ण अतिथियों में रहे :-

श्री जवाहर मेहता, अध्यक्ष, अमरेली बाल भवन,
श्री मनसुख भाई जोशी, अध्यक्ष, राजकोट बाल भवन।

सी.ई.ई. , अहमदाबाद तथा अमरेली बाल भवन और राजकोट बाल भवन को इस सम्मेलन में उनके सहयोग के प्रति राष्ट्रीय बाल भवन धन्यवाद एवं आभार प्रकट करता है।